हिंदी साहित्य में भारतीय मूल्यों की अभिव्यक्ति : इकाई 1 एम. ए. हिंदी साहित्य प्रश्न पत्र चार
हिंदी साहित्य में भारतीय मूल्यों की अभिव्यक्ति इससे मुख्यतः दो सवाल बनते हैं जिनमें से पहला सवाल इस प्रकार है - 1. "हिंदी साहित्य में जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति हुई है।" कथन को सोदाहरण पुष्ठित कीजिये। दुसरा सवाल है - 2. हिंदी साहित्य में भारतीय मूल्यों की अभीव्यक्ति के अंतर्गत आदिकालीन साहित्य में मूल्य अभिव्यक्ति की मीमांसा कीजिये। तो पहले सवाल का उत्तर इस प्रकार होगा - `हिंदी साहित्य का पटल अत्यंत व्यापक है। विगत 1000 वर्षों में रचित विशाल साहित्य जो हिंदी भाषी प्रदेश में रचा गया , हिंदी साहित्य के अंतर्गत समाविष्ट है। इसे मोटे तौर पर चार कालखंडों - आदिकाल, भक्तिकाल , रीतिकाल और आधुनिक कल में विभक्त किया गया है। साहित्य साहित्य की अनेक विधाएँ हैं, जिन्हें मोटे तौर पर पद्य और गद्य में विभक्त किया गया है। साहित्य का व्यापक उद्देश्य 'सर्वजन हिताय , सर्वजन सुखाय:' माना गया है। वह रसानुभूति के द्वारा आनंद प्रदान करता है, श्रेय को प्रेय रूप में व्यक्त करता है तथा लोककल्याण का विधान करता है। जीवन मूल्यों का तात्पर्य उन मान्यताओं से है जिन्हें हम अपने जीवन म...