भारतीय साहित्य में आज के भारत का बिम्ब इससे संबंधित निम्न सवाल बन सकते हैं जो की इस प्रकार हैं - भारतीय साहित्य में आज के भारत के बिम्ब की दृष्टि से मुलभूत एकता पर प्रकाश डालिए। भारतीय साहित्य में आज के भारत का प्रतिबिम्ब उपलब्ध होता है, इस कथन पर तर्कपूर्ण ढंग से प्रकाश डालिये। क्या आधुनिक भारतीय साहित्य में मानवतावाद, लोककल्याण , आध्यात्मिकता के स्वर विद्यमान हैं, सोदाहरण प्रकाश डालिए। क्या भारतीय साहित्य में वर्तमान भारत प्रतिबिम्बित है। तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए। इन सभी सवालों के उत्तर इस प्रकार लिखे जा सकते हैं - स्वतंत्रता के पश्चात भारतीय जन-जीवन में व्यापक परिवर्तन हुए। आजादी के बाद की पीढ़ी जब युवा हुई तो उसका लोकतंत्र और उसके नेतृत्व से मोहभंग होने लगा था। परम्परागत समस्याएं तो विद्धमान थी हीं, युवा पीढ़ी को नयी समस्याओं से भी जूझना पड़ा। भारतीय जनमानस पर इसकी गंभिर प्रतिक्रिया हुई। अशिक्षा, बेरोजगारी, निर्धनता जैसी आर्थिक समस्याएँ दहेज, नारी शोषण, दलितों का शोषण जैसी सामाजिक समस्याएं यथा भ्र्ष्टाचार, लूट, अराजकता, नेतृत्व का दोमुँहापन, आतंकवाद , लूट-हत्...